STORYMIRROR

Jahanvi Tiwari

Tragedy

4  

Jahanvi Tiwari

Tragedy

उफ्फ ये सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग

2 mins
231


खुुुुुुद को खुद ही सीधा बतलाते येे सीधे लोग,

हर पल बस अपना ही दुखड़ा गाते यह सीधे लोग,

आओ बताते हम तुम्हें इनकी कुछ पहचान है,

दिल में इनके क्लेश पर होठों पर मुस्कान है,

मीठी छुरी से घाव दे जाते यह सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग....

 

इनके लिए पूरी दुनिया  बूरी बस यही एक सच्चे हैं

दुनिया भरी है झूठ से बस यही एक सच्चे हैं,

हर घड़ी खुद को सही बतलाते यह सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग ....


इनको जरूरतों के हिसाब से रिश्ते याद आते हैं

अपनों को भी ये पराया कर जाते हैं,

मतलब पड़ेेेे तो सब को अपनाते यह सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग .....


कुुुुुछ भी करो इनके लिए संतोष इनको ना होगा,

हमें यह दुख हैै हमें वह दुख है हरदम यही रोना होगा

भगवान को भी दोस दे जाते ये सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग ...


यह जिनको भी मिल जाएंगे, बेचारा वह बन जाएगा,

दिल में एक अफसोस लिए होठों से मुस्कुराएगा

फिर भी उसी को जालिम बतलाते ये सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग ...


गर है यह आपकी जिंदगी में , तो एक बात जान लो

यह जो समझाएं वह समझो ,इनकी सारी बातें मान लो

तुुुुुम ही सही तुम ही सच्ची इस मंत्र का तुम ज्ञान लो

फिर भी जो खुश ना हो वह कहलातेे हैं सीधे लोग 

 उफ्फ ये सीधे लोग ....


सब की कमियां बतलाते ये , अपनी कमियां स्वीकार नहीं,

खुुुुद के अलावा इनको किसी और से प्यार नहीं

एक पल में लाखों रंग दिखला दे यह सीधे लोग

हम जैसों को ही हाय क्यों मिल जाते यह सीधे लोग

उफ्फ ये सीधे लोग उफ़ ये सीधे लोग ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy