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Jahanvi Tiwari

Tragedy

4  

Jahanvi Tiwari

Tragedy

मेरी क्या गलती थी ,?

मेरी क्या गलती थी ,?

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  मेरी क्या गलती थी ये बताया करो 

यूं बिना बात छोड़ के जाया ना करो।


है कोई और जो तुझे चाहे मुझसे भी ज्यादा,

एक बार उसे मुझसे भी मिलवाया करो।


जो इरादा हो तेरा मुझको छोड़ जाने का,

मेरी चाहत को फिर यूं खुद पर जाया ना करो।।


मेरी पाक चाहत तू आज तक समझ ना सका,

मुझको मज़बूरी अपनी समझाया ना करो।।


ज़िन्दगी रही तो बहुत मिलेंगे चाहने वाले,

अपने होने का तुम एहसान जताया ना करो।


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