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Alka Bhatnagar

Tragedy

3  

Alka Bhatnagar

Tragedy

कहाँ चले गए

कहाँ चले गए

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अभी तक तो यहीं थे

अब कहाँ चले गए

आसपास थे हमारे

अचानक कहाँ चले गए

एक ही पल में

आँखों से यूं ओझल हो गए

है से थे में तबदील हो गए

आपकी हर बात एक याद बन गई

आँखों के आगे साथ बिताए लम्हों की रील आ गई

आपकी हर बात दिलो-दिमाग में छा गई

आपके चेहरे की आँखों में एक तस्वीर बन गई

अभी तक तो यहीं थे

अब कहाँ चले गए

मेरे जीवन में खाली अपनी जगह कर गए

अचानक से आप कहाँ चले गए।


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