SHREYA BADGE
Romance Tragedy Others
मियां एक ऐसी लड़की है
जो मेरे दिल में बस्ती है...
चैन-सुकूं छीन कर मेरा
बढ़ा कर दर्द-ए-सर मेरा...
वो मुझ से दूर रहती है
बहुत मसरूफ़ रहती है...
बस उसकी यही हरकत
मेरी हस्ती लूट लेती है
ज़ख्म गहरे कर...
बकवास किया
जायेंगे.
दुआ कबूल होती...
बेटियो का संघ...
गुजर गया..
हो सकता है..
तलबगार हो गए....
क्या क्या लिख...
चुना मैंने..
है! प्राण वल्लभ तुम हो, कहां तुम बिन है मन का आंगन सूना। है! प्राण वल्लभ तुम हो, कहां तुम बिन है मन का आंगन सूना।
छेड़ गया चुपचाप से, भूली-बिसरी बात।। छेड़ गया चुपचाप से, भूली-बिसरी बात।।
जैसे लौट जाते है पंछी अपने घोसलों को, अपने असली घर जाने को दिल करता है. जैसे लौट जाते है पंछी अपने घोसलों को, अपने असली घर जाने को दिल करता है.
लाख छुपाने पर भी नहीं छुप पाते, निकल आते हैं टकराव, तकरार व जज्बात के आँसू। लाख छुपाने पर भी नहीं छुप पाते, निकल आते हैं टकराव, तकरार व जज्बात के आँसू।
एक डाल पर एक चिड़िया बोले कई -कई बार सुन भाई। एक डाल पर एक चिड़िया बोले कई -कई बार सुन भाई।
ओढ़ सुनहरे सपनों की रंगीन खुशनुमा चादर , ओढ़ सुनहरे सपनों की रंगीन खुशनुमा चादर ,
इशारों इशारों में ही जैसे अपना हाल ए दिल सुनाती है। इशारों इशारों में ही जैसे अपना हाल ए दिल सुनाती है।
कई बार उसने आने की मुझे दस्तक, इस तरह सुनाई है, कभी बन खिज़ा आया तो कभी बनके बहार छाया। कई बार उसने आने की मुझे दस्तक, इस तरह सुनाई है, कभी बन खिज़ा आया तो कभी बनके ...
एक तरफ़ मोहब्बत है, एक तरफ़ दर्द है किस्मत का फ़ैसला है, ये क्या मज़ा है। एक तरफ़ मोहब्बत है, एक तरफ़ दर्द है किस्मत का फ़ैसला है, ये क्या मज़ा है।
देख नद नाले उफनकर कर रहे स्वागत यहां, गुनगुनाती हैं दिशाएं खिल गई धरती जवां। देख नद नाले उफनकर कर रहे स्वागत यहां, गुनगुनाती हैं दिशाएं खिल गई धरती जवां।
बनारस की गलियों में साथ तेरे घूमना अभी बाकी है। बनारस की गलियों में साथ तेरे घूमना अभी बाकी है।
कर रहा है दिल कि बैठी रहूं मैं इन ठंडी ठंडी हवाओं के बीच। कर रहा है दिल कि बैठी रहूं मैं इन ठंडी ठंडी हवाओं के बीच।
इस बार जब बारिश होगी तो चाय बनाना तुम। इस बार जब बारिश होगी तो चाय बनाना तुम।
तुम्हारे लिए बस प्रेम रस बरसाऊँगी तुम मुझे बस गुलमोहर ही रहने देना। तुम्हारे लिए बस प्रेम रस बरसाऊँगी तुम मुझे बस गुलमोहर ही रहने देना।
हालात हों कैसे भी मुझे कुछ नहीं बस साथ तुम्हारा चाहिए। हालात हों कैसे भी मुझे कुछ नहीं बस साथ तुम्हारा चाहिए।
कुछ बातें हम से सुना करो, कुछ बातें हम से किया करो। कुछ बातें हम से सुना करो, कुछ बातें हम से किया करो।
तेरी यादों की बारिश बरसती है, मेरे दिल को तड़पाती है। तेरी यादों की बारिश बरसती है, मेरे दिल को तड़पाती है।
आम के अचार जैसी चटपटी भी उस शाम की रस माधुरी जैसी लज़ीज़ बातें .... आम के अचार जैसी चटपटी भी उस शाम की रस माधुरी जैसी लज़ीज़ बातें ....
इस खूबसूरत शाम और नदी के किनारे को ज़ाया न होने देना इस खूबसूरत शाम और नदी के किनारे को ज़ाया न होने देना
सावन की चली मदमस्त बयार खुशी से झूमे तन-मन आज। सावन की चली मदमस्त बयार खुशी से झूमे तन-मन आज।