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S N Sharma

Romance Tragedy

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S N Sharma

Romance Tragedy

मेरी रग रग और धड़कन में

मेरी रग रग और धड़कन में

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मेरी सांसों में इस तन में

मेरी रग रग और धड़कन में

दिल दिमाग में मेरे मन में

इन आंखों के सूने पन में

जिधर देखता हूं बस तुम हो

तुम हो तुम हो केवल तुम हो

मेरे हाथ की इन लकीरों में

मेरी किस्मत की जंजीरों में

मेरी सूनी तकदीरों में

जीवन पथ की तदबीरों में

नहीं साथ में क्यों तुम हो

नहीं मेरे भाग्य में क्यों तुम हो।



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