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Abha Chauhan

Romance

4  

Abha Chauhan

Romance

मनाऊं कैसे?

मनाऊं कैसे?

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तुम जो रूठे हो तुम्हें मनाऊं कैसे

तुम्हें ऐसे छोड़कर नौकरी जाऊं कैसे


तुम्हारे गुस्से पर भी मुझे प्यार आता है

तुम्हें देख कर दिल को करार आता है

मोहब्बत की तड़प को बुझाऊँ कैसे

ऐसे छोड़ कर नौकरी जाऊं कैसे


तुम बिखरी लटो कमाल लगती हो

गुस्से में धधकती मशाल लगती हो

इस गुस्से की अगन को बुझाऊँ कैसे

तुम्हें छोड़कर में नौकरी जाऊं कैसे


तेरे इश्क का जादू कर गया है असर

इस दुनिया से हो गया हूं बेखबर

खुद को होश में लाऊं कैसे

तुम्हें छोड़कर मैं नौकरी जाऊं कैसे


अनजाने में मुझसे हो गई खता

से मैं तुझे समझ बैठा बेवफा

तुम जो रूठे हो तुम्हें मनाऊं कैसे

तुम्हें छोड़कर मैं नौकरी जाऊं कैसे।



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