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Amrita Mallik

Abstract

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Amrita Mallik

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उमंग

उमंग

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कुछ पलों की है ये ज़िन्दगी

सारे झगड़े-फसाद छोड़ के

अपना लो ख़ुशी की ये उमंग

अगर हो बुद्धिमान तो थोड़ा कर लो सहन

थोड़ा मुस्कुराओ और थोड़ा जी लो !


थोड़ी ही ज़रूरत है जीने के लिए

ज़्यादा आकांक्षा मत रखो,

नज़रिया बदल कर तो देखो

प्यार लूटा कर तो देखो

जीने का मज़ा दुगुना हो जाएगा !


उन्मादी न बनो नाम और शौहरत के पीछे भागते भागते,

एक दूसरे को खुशियां दो, बाँट लो ग़म

किसी को सीढ़ी मत बनाओ अपने स्वार्थ के लिए,

बल्कि सब का उद्धार करो अपनी यथा शक्ति से

फूलो की तरह ये जीवन खिल जाएगा !


जीवन के ये सफर में ले कर तो जा नहीं सकते

परन्तु दे सकते है बहुत कुछ

क्यों न कुछ ऐसा कर के जाए

जो सब को निर्मल आनंद ही दे, न दे कोई दुःख

भीग जाओ जीवन के ये निराले आनंद में !


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