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प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी'

Romance

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प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी'

Romance

उम्मीद

उम्मीद

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तेरी ख़मोशियाँ ही दिल की हाल बताती हैं,

जब कुछ छुपाते हो खुदबखुद ही जताती हैं।


मालूम है कुछ परेशान से रहते हो आजकल

तेरी धड़कनें मुझे सब कुछ बता जाती है।


हर शाम पिछली शाम से सुहानी होगी,

बस इक दिया उम्मीद की जलानी होगी।


सच तुम छुओगे आसमान इक दिन वो यारा

सुन तेरी तब हर रात ही दिवाली होगी।


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