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Antariksha Saha

Romance

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Antariksha Saha

Romance

उड़ चले

उड़ चले

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कभी मन करे हम उड़ चलें

दूर कहीं पिया की ओर 

बिछरन की रात को ख़तम करें


दूर दूर कही पहाड़ों मे

उड़ जाऊ बादल के पार

उस ओर जहां आसमान मिलते हैं ज़मीन से


रंग बिरंगे वफ़मो को तोड़ कर

हम उड़ चले उस सच की ओर

क्या अतीत क्या वर्तमान को छोड़

उड़ चले उस ओर


इस शोर ओर इस भीड़ को छोड़

उड़ चले हम उस खुले आसमान की ओर

उस कंक्रीट की बस्ती से दूर

कही जहां पिया बसें।


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