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आनंद कुमार

Romance

3  

आनंद कुमार

Romance

तूं मेरी हो गई है।

तूं मेरी हो गई है।

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टुकड़े में जीने की आदत सी हो गई है, 

तूं नहीं है मगर,

तुझ से चाहत हो गई है।


दुनिया बहुत ज़ालिम हो गई है,

मेरी दुनिया तो तूं थी, 

मगर तूं भी अब दूसरों में शामिल हो गई है।


कितना चाहकता था,जब तेरे पास था,

जिंदगी जी थी तेरे साथ,

अब तेरी आदत हो गई है।


तेरे आने या जाने का ग़म रोज़ सताता है,

अब तूं, तूं बनकर मेरी हो गई है।



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