तुमसे जुड़े ख्यालात चाहिए हैं
तुमसे जुड़े ख्यालात चाहिए हैं
तन्हा हूँ फिर भी
न किसी का साथ चाहिए है
चुपचाप हूँ फिर भी
न कोई बात चाहिए है
इंतजार की चौखट पर
कब से बैठी हूँ
पर फिर भी
न कोई मुलाकात चाहिए है
गुमनाम सी इन गलियों में अकेली हूँ
मुझे न कोई बारात चाहिए है
अश्क के दरिया में
समन्दर सी डूब चुकी हूँ
अब भीगने को
न कोई बरसात चाहिए है
कुछ ही यादें काफी हैं
जीने के लिए
अब इनसे बेहतर
न कोई हालात चाहिए है
तुम में जियूँ, तुम में हँसू
अब हर पल तुमसे जुड़े
ख्यालात चाहिए है ।

