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Saraswati Aarya

Romance

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Saraswati Aarya

Romance

तुमसे जुड़े ख्यालात चाहिए हैं

तुमसे जुड़े ख्यालात चाहिए हैं

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तन्हा हूँ फिर भी 

न किसी का साथ चाहिए है

चुपचाप हूँ फिर भी

न कोई बात चाहिए है

इंतजार की चौखट पर

कब से बैठी हूँ

पर फिर भी

न कोई मुलाकात चाहिए है

गुमनाम सी इन गलियों में अकेली हूँ

मुझे न कोई बारात चाहिए है

अश्क के दरिया में

समन्दर सी डूब चुकी हूँ

अब भीगने को

न कोई बरसात चाहिए है

कुछ ही यादें काफी हैं 

जीने के लिए

अब इनसे बेहतर

न कोई हालात चाहिए है

तुम में जियूँ, तुम में हँसू 

अब हर पल तुमसे जुड़े 

ख्यालात चाहिए है ।



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