STORYMIRROR

N.ksahu0007 @writer

Romance

3  

N.ksahu0007 @writer

Romance

तेरी बेवफ़ाई

तेरी बेवफ़ाई

2 mins
195

धीरे-धीरे तेरी बेवफ़ाई को मैं बा-वफ़ा कर रहा हूँ

धीरे-धीरे तेरी बेवफ़ाई को मैं महसूस जो कर रहा हूँ

तू रुसवा कर रही मैं सर-ए-उल्फ़त बड़ा कर रहा हूँ

यादों की बौछार से मैं, अब पलके गीला कर रहा हूँ


तू बेवफ़ा हो गई फिर भी तुझे प्यार मैं कर रहा हूँ

भूलकर तमाम  दर्द उल्फ़त-ए-वफ़ा कर  रहा हूँ

है साथ गर मिला तो वो बस दिल की तन्हाई का

मैं तो आज वो हर इक सांस तेरे नाम कर रहा हूँ


तेरे ही लौट आने का बेसब्री से इंतिज़ार कर रहा हूँ

तेरी बेवफ़ाई को भी मैं बा-वफ़ा ही तो कह रहा हूँ


ओ सनम ~ 2......

जरा सुन भी लो ये बात तुम मेरी.

ओ सनम ~ 2......

माँग रहा हूँ ख़ुदा से साथ मैं तेरा..

ओ सनम ~ 2......

तेऱा हा हा तेऱा हा जी हा तेरा सिर्फ और सिर्फ तेरा..


सुन ले जरा तू बात मेरी, मैं बा-वफ़ा तो कर रहा हूँ

हर घड़ी रह-रह के घड़ी-घड़ी तुम्हें याद कर रहा हूँ 

मैं भूल न जाऊ तुम्हें कभी इसलिए हसींन पलों को

दिल की कलम से दिल की डायरी में लिख रहा हूँ


लिख रहा हूँ खत एहसास में , वो तुम्हे क्या नजर

आयेगा..

दिल की कलम से जो लिखा , पानी में आग लगा 

जायेगा..


अरे सर्द मौसम में भी गर्मी का एहसास कर रहा हूँ

गर्म अधरों की छुवन और उस प्यास से डर रहा हूँ

दिल तो एक बर्फ़ है जो पल भर में पिघल जाता है

मीलों दूर हो फिर भी आस पास महसूस रह रहा हूँ


तेरे ही लौट आने का बेसब्री से इंतिज़ार कर रहा हूँ

तेरी बेवफ़ाई को भी मैं बा-वफ़ा ही तो कह रहा हूँ


ओ सनम ~ 2......

 जरा सुन भी लो ये बात तुम मेरी..

ओ सनम ~ 2......

माँग रहा हूँ ख़ुदा से साथ मैं तेरा..

ओ सनम ~ 2......

तेऱा हा हा तेऱा हा जी हा तेरा सिर्फ और सिर्फ तेरा..



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance