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Abasaheb Mhaske

Romance

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Abasaheb Mhaske

Romance

मेरा प्यार रहेगा अमर...

मेरा प्यार रहेगा अमर...

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हमने चाहा था तुमको

दिल से अपना समझकर...

मगर तुम ही भूल गई

एक सपना समझकर...

सोचा था मैंने तुम साथ होगी

तो हो जायेगा सुहाना सफर...

तुम तो चली गई यूँ ही...

देखा न पीछे मुड़कर...

जब याद तुम्हारी आती है तो

रोता था मैं अक्सर...

साथ तो दे न सकी

थोडा-सा दे जा ज़हर...

मेरे ख्वाबों में मत आना

एहसान इतना कर...

मैं तो चला जाऊंगा मगर

मेरा प्यार रहेगा अमर...


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