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मोहनजीत कुकरेजा (eMKay)

Romance

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मोहनजीत कुकरेजा (eMKay)

Romance

तुम्हारी क़सम

तुम्हारी क़सम

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अपनी क़सम देकर

वादा ना मिलने का

जो तुमने लिया है


मेरी ही ख़ातिर सही

मगर… यक़ीन मानो,

ठीक नहीं किया है…!




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