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Renu kumari

Tragedy


4.0  

Renu kumari

Tragedy


तुम ठीक तो होना

तुम ठीक तो होना

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सुनो!! कुछ पूछूँ तुमसे नाराज़ तो नहीं होंगे?

कभी वक़्त मिले तो मुझसे पूछ लिया करो ना,

की जाना! तुम ठीक तो होना ।

वो क्या है ना कि तुम अपनी नयी ज़िंदगी मे कुछ

इस कदर खोए हो कि मेरा होना तुम्हे दिखाई नही देता ।

शायद तुम वो सब दोहराने लगे हो जो सिर्फ मेरे लिए किया करते थे ।

तो कुछ वक्त निकाल के पूछ लिया करो ना,

की जाना तुम ठीक तो होना ।

शिकायत नही है ये, गुज़ारिश है मेरी....

उन्ह साथ बिताए पालो को यूँ सरेआम बदनाम ना करो।

शायद वो जाते जाते तुमने ही कहा था ,

की जाना ! तेरा प्यार तो समंदर से भी गहरा है।

तेरी जगह तो कोई ले ही नही सकता ।

और जब वो जगह तुमने किसी और को दे ही दी है,

तो कुछ वक्त निकाल के पूछ लिया करो ना,

की जाना! तुम ठीक तो होना ।

वो मेरी बनाई बांसुरी तुमने उसे दी,

तो क्या वो दर्द तुम्हे महसूस नही हुआ।

जो शायद मुझे हो रहा था,

मेरा दिल किसी कोने में बैठ रो रहा था।

वो हाथो में पहना मेरा प्यार निकाल फेंक दोना।

में मिटा दूँगी तेरे प्यार की हर निशानी,

थोड़ा वक्त तो उधार दोना।

और हां ! कभी वक़्त मिले अपनी महबूबा की बाहों से ,

तो मुझसे भी पूछ लिया करो ना,

कि जाना! तुम ठीक तो होना ।

कि जाना! तुम ठीक तो होना ।


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