STORYMIRROR

Anjali Srivastav

Romance

4  

Anjali Srivastav

Romance

तुम संग पल पल बिताता रहूं

तुम संग पल पल बिताता रहूं

1 min
176

आ बैठ तुझे मैं निहारता रहूँ

संग तेरे हर पल बिताता रहूँ


तुझे अपना यू ही बनाता रहूँ

संग हर ख्वाब तेरा सजाता रहूँ


तेरे चूडियों की खनक में खनकता रहूँ

तेरे पायल की झनक में मै झनकता रहूँ


तेरी सूरत की मूरत मैं बनता रहूँ

संग हमदम तेरा बन मैं चलता रहूँ


तेरी जज्बातों की कदर मैं करता रहूँ

प्यार की वादियों में मैं ही सजता रहूँ


तुम रहो साथ मेरे यही कहता रहूँ

कि तुम्हे देख मै हरदम बहकता रहूँ


तेरे आने से खुशियां मैं बढ़ाता रहूँ

कि जीवन की सरगम मैं सुनाता रहूँ


गम ना आए यही उम्मीद करता रहूँ

कि संग हमसफ़र बन साथ मै निभाता रहूँ


तेरे रूप का दर्पण बस मैं ही रहूँ

कि हर ख्वाब तेरा मैं पल पल सजाता रहूँ


है आरजू साथ जीवन मै बिताता रहूँ

हर पल मधुर ध्वनि तेरे लिए गुनगुनाता रहूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance