STORYMIRROR

S Ram Verma

Romance

3  

S Ram Verma

Romance

तुम मेरी हो !

तुम मेरी हो !

1 min
293

 तुम आँखों में देखो 

मेरी और खुद को 

इन्हीं में खो जाने दो


तुम बाँहों में आओ 

मेरी और खुद को 

बहक जाने दो


तुम दिल में आओ 

मेरे और खुद को इसी 

में बस जाने दो


तुम मेरी हो और 

मेरी ही रहोगी सदा 

आज सभी से ये कह दो

  

तुम अब कुछ इस 

कदर चाहो मुझे और 

खुद को मुझ पर फना 

हो जाने दो

 

प्रखर है बस एक 

तुम्हारा वो चाहेगा 

बस एक तुम्हीं को !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance