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Shravani Balasaheb Sul

Romance

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Shravani Balasaheb Sul

Romance

तुम खफा हुए मगर

तुम खफा हुए मगर

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तुम हुए खफा मगर

तुम्हें हम ना भूल पाए

धड़कन में तुम्हें बसाया था 

मगर तुम ना यह जान पाए

(तुम यादों में आते रहना) x 4

तुम हुए खफा मगर

तुम्हें हम ना भूल पाए


कभी हम तुम्हें याद आए

आ जाना हमारे शहर में

हमेशा चाहेंगे तुमको

जिंदगानी के हर एक पहर में

दिल पे फिर से देना दस्तक

लौट जाना अगर मन करें तो

(तुम यादों में आते रहना) x 4


तुम्हारी कमी पल पल में

सदियाँ ले जाती हैं

मगर वह मिठी सी यादें

खुशियाँ दे जाती हैं

गम हैं मगर ख़ुशी हैं कि

तुम हमसे कभी तो मिले थे 

(तुम यादों में आते रहना) x 4


(तुम यादों में आते रहना) x 4


तुम हुए खफा मगर

तुम्हें हम ना भूल पाए


गीत : मैं रहूँ या ना रहूँ


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