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Supriya Devkar

Tragedy

3  

Supriya Devkar

Tragedy

तुम कह कर तो देखते

तुम कह कर तो देखते

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तुम कह कर तो देखते 

हंसते हंसते झोली खाली कर देते 

खुशियों को हाथों मे तुम्हारे 

बेझिझक सौंप देते 

तुम्हारे हाथ को थामकर 

बैठे रहते कुछ वक्त 

मरहम प्यार का लगा देते 

जख्म कितना भी हो सख्त

कोशिश तो कर के देखना था 

बात इतनी ना बढी होती

तुम कुछ तो बता देते

जिदंगी इतनी खफा ना होती। 



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