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Rajiv Jiya Kumar

Romance Fantasy

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Rajiv Jiya Kumar

Romance Fantasy

तुम हो तो जां है

तुम हो तो जां है

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हुस्नां ~~~~

तुम हो तो जां हो,

धुआँ धुआँ दिखे

जहां की रंगीनियाँ

अक्स तेरा है 

चप्पे चप्पे पर 

तुमसे सजा ये

हसीन शमां है,

तुम हो तो जां,

हुस्नां ~~~~

तुम हो तो जां है।।


जर्रे जर्रे में

तेरी खुशबू है,

हर शै में

बस तू ही तू

रूबरू है,

मेरी काया है तेरी

कायनात तले

उम्मीद मेरी तेरी आंखों के

छलकते जाम से

परवान चढ़े ,

तुम हो संवरा संवरा वीरांं है,

हुस्नां ~~~~

तुम हो तो जां है।।


जज्ब सीने में 

गम कई हैं,

नशीली साँस तेरी

मदहोश करे

बेखुदी में जीए जाते हैं,

सरगोशी तेरी नश्तर 

सी चुभे तन्हाई में

करार पाए 

बेचैन जज्बात मेरे

ख्वाब से तेरे आशनाई में,

तुम हो तो

हसरतें जवां हैं,

हुस्नां ~~~~~

तुम हो तो जां है।।

         



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