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S N Sharma

Romance Tragedy

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S N Sharma

Romance Tragedy

तुम चली आओ।

तुम चली आओ।

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प्यार की मदहोश खुशबू सी चली आओ।

मिटाने मेरा अकेलापन तुम चली आओ।


भीड़ है भारी मगर तन्हाइयों का जोर है।

तेरी सदा आती नहीं हर तरफ ही शोर है।


मुझको पुकारो प्यार से और चली आओ

प्यार की मदहोश खुशबू सी चली आओ।


चांदनी रातों में चलती है नाम पुरवाईयां।

इश्क की ये इबादत दिल की अंगड़ाइयां।


प्यार का बन के तरन्नुम तुम चली आओ।

प्यार की मदहोश खुशबू सी चली आओ।


जिंदगी में है बहुत कुछ खोने पाने के लिए।

और हम जीते रहे अब तक जमाने के लिए।


मैं खुदी के वास्ते जी लूं तुम चली आओ।

प्यार की मदहोश खुशबू सी चली आओ।



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