STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

तुझे क्या बताउं?

तुझे क्या बताउं?

1 min
319

इंतजार तेरा दिन रात करता रहा हूंँ मै ,
तुझे क्या बताउं की कितना ढुंढता हूंँ मै।

तड़प तड़पकर हर रातें बिता रहा हूंँ मै,
तुझे क्या बताउं की कितना मायूस हूंँ मै।

हरपल तेरे ही ख्यालों में डुबता रहा हूंँ मै,
तुझे क्या बताउं की कितना प्यासा हूंँ मै।

तेरे विरह की आग में जलता रहा हूंँ मै,
तुझे क्या बताउं की कितना घायल हूंँ मै।

तुझे इश्क का इजहार करना चाहता हूंँ मै,
तुझे क्या बताउं की कितना बेताब हूंँ मै।

 "मुरली" तेरे बिना अकेलापन हुआ हूंँ मै,
तुझे क्या बताउं की कितना दीवाना हूंँ मै।

 रचना:-धनज़ीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ - गुजरात)


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance