तस्वीर
तस्वीर
ये बिखरी जुल्फ़े हैं या कोई ज़लाल है
यूँ ही झुकी पलकें हैं या कोई चाल है !!
उफ्फ हुस्न है या गणित का सवाल है
भीनी सी मुस्कान है या मेरा ख़्याल है !!
ठहर जाएं सभी कुछ ऐसा कमाल है
ऐसी रंगत है उनकी या नया साल है !!
दीद-ए-तस्वीर कश्मकश-ए-हयात है
हर लम्हा उम्र-ए-क़ुर्बत-ए-जमाल है !!
रुख़ से चाँदनी बरसती है बेपर्दा रात है
एक झलक आफ़त में क़ल्ब ओ जान है !!
ख़्वाबों का आँचल संगमरमर की मीनार है
ख़्वाहिशों का ताज है या कोई ख़्याल है !!

