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Pushp Lata Sharma

Romance

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Pushp Lata Sharma

Romance

तोड़कर माहताब लाये हो

तोड़कर माहताब लाये हो

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जिन्दगी की किताब लाये हो ?

क्या कहा तुम गुलाब लाये हो ?


याद है हर सवाल मुझको भी

किसके किसके जवाब लाये हो ?


दूर तनहाइयाँ जो कर देगीं

ऐसी कोई शराब लाये हो ?


चैन खुशियाँ मेरी उदासी का

आज कितने हिसाब लाये हो ?


'पुष्प' मेरे लिए चुनिंदा कुछ

तोड़कर माहताब लाये हो ?


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