तो बताओ क्या करें।
तो बताओ क्या करें।
दिल के टूटे तार जब खामोश हों तो क्या करें।
ये शेर भी जब शोर बन जाए बताओ क्या करें।
मन है प्यासा सहारा में और मृगतृष्णा बड़ी है।
साथ तेरा मिल न पाए तुम ही बताओ क्या करें।
दर्द जब इतना मिला कि दर्द ही दर्द को थाम ले।
दवा अब तुम ही संभालो हम दवा का क्या करें।
तुम जिसे कहते वफा वह महज धोखा है सनम।
यह अदा तेरी दिल जलाए तो बताओ क्या करें।
माना हैं मजबूर दिल से पर वकार मेरा अब भी है।
अहम मेरा मुझ को झकोरे तो बताओ क्या करें ।

