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Sunil Kumar

Romance

3  

Sunil Kumar

Romance

तन्हाइयां

तन्हाइयां

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280

तन्हाइयों में अक्सर खुद से बात कर लेता हूं

जज्बातों को अपने कागज पर उतार लेता हूं 

जब भी आती है याद तुम्हारी

तुझ संग बीते लम्हों को याद कर लेता हूं।

जब भी मायूस कर देती हैं मेरी तन्हाइयां मुझे

तेरी सूरत को बंद आंखों से निहार लेता हूं 

तन्हाइयों में अक्सर खुद से बात कर लेता हूं।



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