STORYMIRROR

Sunil Kumar

Inspirational

4  

Sunil Kumar

Inspirational

नववर्ष

नववर्ष

1 min
363

नवल प्रभात की नवल रश्मियों से,

आलोकित जीवन पथ हो। 

बहे हृदय में प्रेम की धारा

दूर उर का सब तम हो,

नववर्ष मंगलमय हो।


मिट जाएं सब राग-द्वेष, 

बस अपनत्व ही अपनत्व हो। 

नई उम्मीद नई आशाओं से

पुलकित सबका जीवन हो,

नववर्ष मंगलमय हो। 


छट जाएं दुःख के बादल,

विघ्न-बाधाएं सब खत्म हों

फूल खिलें खुशियों के 

चहुंदिश फैली प्रेम सुगंध हो, 

नववर्ष मंगलमय हो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational