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Shailaja Bhattad

Tragedy

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Shailaja Bhattad

Tragedy

तलाश

तलाश

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200

सवालों से भरी दुनिया में जवाब ढूंढते हैं

मेघ से विरान गगन में वर्षा की बूंदे खोजते हैं।

 

कटते पेड़ों से छांव मांगते हैं

शून्य में खुद का अस्तित्व तलाशते हैं।


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