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Shailaja Bhattad

Tragedy

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Shailaja Bhattad

Tragedy

तलाश

तलाश

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सवालों से भरी दुनिया में जवाब ढूंढते हैं

मेघ से विरान गगन में वर्षा की बूंदे खोजते हैं।

 

कटते पेड़ों से छांव मांगते हैं

शून्य में खुद का अस्तित्व तलाशते हैं।


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