श्री राम
श्री राम
1.
अद्भुत राम की महिमा है।
घट-घट में राम रमाएँ है।
प्रभु संवाद करें हम पल-पल में।// प्रभुभक्ति करें हम पल-पल में//
प्रभुभक्त रहें हम पल-पल में।
चिंतन में राम समाए हैं।
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2.
भक्ति भाव की महिमा है।
वेद पुराण यश गाए हैं।
प्रभु कृपा तो होनी है।
मन में विश्वास जगाए है।
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3.
गूढ़ चरित्र सुंदर चित्रण
चिंतन के सूत्र बनाए हैं।
अंतर्मुख हो प्रभु ध्यान
मन हर पल में लगाए है।
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1.
अद्भुत राम की महिमा है।
घट-घट में राम रमाएँ है।
प्रभु संवाद करें हम पल-पल में।
चिंतन में राम समाए हैं।
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4.
राममय जीवन कर लो// मुनियों का// भक्तों का
रघुवर पार लगाए है।
चरण वंदित ज्ञान-ध्यान को
काहे साँझ गवाए है।
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भक्ति रस में डूबा मन।
दर्शन को अंतर्मुख है मन।
गूढ़चरित्र है सुंदर मन।
हरि गुण में अनुरक्त है मन।
शांत संतुलित उल्लासित मन।
प्रभु पाद समर्पित मन।
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चरण वंदित कृपा सिंधु का पल-पल यश जन गाते हैं।
श्री राम नाम गुणगान प्रभु का वेद पुराण सुनाते हैं।
सद्भाव की पतवार समर्पण से जब चलती है।
निधिद्ध्यासन की नाव आगे ही आगे बढ़ती है।
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वेद पुराण जिनका यश गाते।
भक्तों के हित कथा सुनाते।
सच्चिदानंदमय रूप प्रभु का।
चरण वंदन करूँ आपका।
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