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Abhinav Kumar

Romance

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Abhinav Kumar

Romance

तलाश

तलाश

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कोशिश करता रहा

पर वो दूर होती गई

उससे वस्ल की उम्मीद

ख़्वाबों में खोती गई


फुरकत की वज़ह मुझ को

मालूम नहीं है

तनहा सा दिल ये मेरा

मज़लूम यहीं है


बेचैन हूं मैं हरदम

जान सांसत में फंसी है

हैरान सब ये सुनकर

उसका नाम "खुशी" है



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