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Sarita Kumar

Romance

3  

Sarita Kumar

Romance

थोड़े से तुम

थोड़े से तुम

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मैंने मांगा ही था 

"थोड़े से तुम" 

कैसे मिलते पूरे  

मगर मिले 

बेहद, बेइंतहा,

बेहिसाब, बेशुमार 

वो तो ताब नहीं थी 

मुझमें 

संभाला नहीं गया मुझसे 

तुम्हारा प्यार, बेशुमार 

इसलिए 

बस रह गए "थोड़े से तुम " 

बस थोड़े से तुम 

थोड़े से तुम ....

मेरे विशाल, विस्तृत वजूद पर छाए हुए 

थोड़े से तुम।


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