STORYMIRROR

neha sharma

Romance

4  

neha sharma

Romance

अनकहे शब्द

अनकहे शब्द

1 min
228

किसी डायरी के पन्नो पर लिखे 

दबे हुए से हैं मेरे वो अनकहे शब्द

जो मै तुमसे कभी कह ना पाई

ये सोच कर के कहीं खो ना दू तुम्हे

कही तुम नाराज ना हो जाओ मुझसे

कहीं तुम दूर ना हो जाओ मुझसे

तुम दूर हो गए तो टूट कर बिखर जाऊंगी

जो कभी खुद को संभाल कहना भी चाहा

तेरी होठों की मुस्कुराहट देख शब्द रुक गए 

नही कह पाई कभी तुम्हे मै वो अनकहे शब्द।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance