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Diwa Shanker Saraswat

Classics Thriller

4  

Diwa Shanker Saraswat

Classics Thriller

था तो वह अजनबी

था तो वह अजनबी

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था तो वह अजनवी

था तो वह अजनवी

लगता अपना सा

अपनत्व दिखाता

साथ देता


था तो वह अजनवी

दूर से ताकता

कुछ कहना चाहता

मिलना चाहता

था तो वह अजनबी

अहसास दिखाता

ताकत बन जाता

मजबूती दिखाता


था तो वह अजनबी

सच से रूबरु कराता

इरादों को समझता

जीवन संवारता


था तो वह अजनबी

आज भी अजनबी

अब नजर नहीं आता

कहीं छिप गया शायद।


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