Bharat Jain
Romance
अभी कुल्हड़ में चाय बना के रखी है,
दिल के बटुए में फोटो लगा के रखी है,
तुझे फिर आना ही है मेरा होना ही है,
तब से बस यही रट लगा के रखी है।
तेरे इश्क़ का कम्बल ओढा हुआ है,
तेरी यादों की सिगड़ी जला के रखी है।
घूंट घूंट में
एक माला
समय की चोरी क...
मन के नाटक
पिक्चर अपनी क...
तू
राम भरोसे
मैं भूल गया
वहां हर कोई
रात भर जागता ...
मेरा दिल अब हर जज्बात से खाली है तुझसे मुहब्बत की सजा बखूबी पा ली है।। मेरा दिल अब हर जज्बात से खाली है तुझसे मुहब्बत की सजा बखूबी पा ली है।।
मुस्कुराहटें तुम्हारी...हैं नज़राना खुदा का, अफ़साना ये प्यारा.... है थोड़ा जुदा सा । मुस्कुराहटें तुम्हारी...हैं नज़राना खुदा का, अफ़साना ये प्यारा.... है थोड़ा जुद...
हां ! मुझे तुम्हारे घर में एक कोना चाहिए! हां ! मुझे तुम्हारे घर में एक कोना चाहिए!
ज़हन में मेरे हलचल मचा गया कोई बिछड़ा हुआ आज फिर से याद आ गया कोई....! ज़हन में मेरे हलचल मचा गया कोई बिछड़ा हुआ आज फिर से याद आ गया कोई....!
तुम्हें समर्पित दीपक मेरा मन मंदिर की देवी अंजानी। तुम्हें समर्पित दीपक मेरा मन मंदिर की देवी अंजानी।
केवल गुणों की पूजा होती है, जहाँ दिल मिल जाया करते हैं! केवल गुणों की पूजा होती है, जहाँ दिल मिल जाया करते हैं!
कैसी ये जिंदगी है ना हमारी जुदा हुए हम दोनों। कैसी ये जिंदगी है ना हमारी जुदा हुए हम दोनों।
चांदनी छिटकी शरद की, खिड़कियों से आ रही है चांदनी छिटकी शरद की, खिड़कियों से आ रही है
एक हूक सी उठी दिल में ....तेरा नाम लेने की तलब! एक हूक सी उठी दिल में ....तेरा नाम लेने की तलब!
रोज़ आये ख्वाबो में मिलनेमेरी रानी बनकर निघाओं-निघाओं में दिल घबराएतेरे आने से ? रोज़ आये ख्वाबो में मिलनेमेरी रानी बनकर निघाओं-निघाओं में दिल घबराएतेरे आने से...
कोई दुख इतनी बड़ी नहीं जो मुझे भेदकर तुम तक पहुंचें..। कोई दुख इतनी बड़ी नहीं जो मुझे भेदकर तुम तक पहुंचें..।
मै भुला दूँ दिल से कैसे चाहत मेरी दोस्ती तू! मै भुला दूँ दिल से कैसे चाहत मेरी दोस्ती तू!
कैसे सहूँ तुमसे यह दूरी अब और सहन मुझे नहीं है यह दूरी। कैसे सहूँ तुमसे यह दूरी अब और सहन मुझे नहीं है यह दूरी।
कि जैसे तुम देती हो माथे पर टीका मुझको सम्पूर्णता प्रदान करते हुए। कि जैसे तुम देती हो माथे पर टीका मुझको सम्पूर्णता प्रदान करते हुए।
मेरे सूने दिल की आशा तू प्रेम ग्रंथ की परिभाषा मेरे सूने दिल की आशा तू प्रेम ग्रंथ की परिभाषा
चैन से ना जी पाया फिर मैं ना ही खुशी से मर पाया। चैन से ना जी पाया फिर मैं ना ही खुशी से मर पाया।
मुझे लिखा ही गया था बराए चश्म तेरी, तेरे पढ़े बिना मैं हर्फ़-ए-बे-मआ'नी हूँ। मुझे लिखा ही गया था बराए चश्म तेरी, तेरे पढ़े बिना मैं हर्फ़-ए-बे-मआ'नी हूँ।
तुम्हारी हंसी में ताज का दर्शन करते मेरे नैन खो जाते है तुम्हारी हंसी में ताज का दर्शन करते मेरे नैन खो जाते है
बचा तो लोगे ना तुम ... मेरी या......अपनी आखरी मुहब्बत को। बचा तो लोगे ना तुम ... मेरी या......अपनी आखरी मुहब्बत को।
सभी आशिकों का यही एक कहना था प्यार का यही अंजाम होना था सभी आशिकों का यही एक कहना था प्यार का यही अंजाम होना था