तेरी याद
तेरी याद
तेरे सिरहाने याद भी मेरी
तकिया भिगोकर सोती तो होगी
चाहे तूने कभी कहा नहीं
पर याद तुझे मिरी भी सताती तो होगी
अरसा बीत गया मुलाक़ात को
मिरी बातें अब भी ज़हन में आती तो होंगी
इश्क़ मोहताज़ नहीं अल्फ़ाज़ों का
मिरी आँखें तुझे अब भी बताती तो होंगी
आना-जाना लगा रहता है तेरा मिरे ख़्वाबों में
तुझे अब भी मिरी मुस्कान भाती तो होगी
इज़हार करना ज़रा मुश्किल है मिरे लिए
तेरी धड़कन ये बात तुझे समझाती तो होगी
मैं बेचैन रहती हूँ तुझसे इक नज़र मिलाने को
मिरी परछाई तुझसे अब भी नज़र मिलाती तो होगी

