STORYMIRROR

Sarita Dikshit

Romance

3  

Sarita Dikshit

Romance

तेरी सोहबत

तेरी सोहबत

1 min
142

सोहबत में तेरी मिल गई दुनिया मुझे

ताउम्र तेरी बन के रहूं बावफ़ा


करके इशारे उसने मुझे समझाया

क्या है मेरा नुकसान और क्या नफ़ा


ये दिल्लगी ना कर, परेशान हूं मैं

इनकार तेरा होगा, मुझपे एक जफ़ा


तौहीन मेरे इश्क की ना अब तू कर

गर खुद पे आयेंगे,तो होंगे बेवफ़ा


इस बार तन्हा छोड़कर जो जाओगे

मुझको न पाओगे, यहां अगली दफ़ा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance