STORYMIRROR

Sarita Dikshit

Romance

4  

Sarita Dikshit

Romance

हुनर

हुनर

1 min
283

हमने सीखा तुम्हीं से नज़रे चुराने का हुनर

पर न सीख पाए, तुम्हें भुलाने का हुनर


सीखने - सिखाने का सिलसिला यूं चला

दर्दे इश्क ने भी सीखा, हमें रुलाने का हुनर


देख कर चलना, हर कदम संभालकर

अब तलक सीखा नहीं, तुमने गिराने का हुनर


सदियों से है कैद गम के कमरे में चुपचाप

कौन जानता है उसे,जी भर हंसाने का हुनर।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance