STORYMIRROR

Sarita Dikshit

Inspirational

4  

Sarita Dikshit

Inspirational

उंगलियां लाख उठाओ

उंगलियां लाख उठाओ

1 min
405

उंगलियां लाख उठाओ मेरे किरदारों पर

अपनी ही धुन में मुझे पाओगे,

अपनी नजरों में बस हया रखना

मेरे किरदार में खुद जो आओगे।


लाख कर लो कई सितम मुझ पर 

हर सितम की यही सजा होगी 

माफ़ ऐसे करेंगे तुमको हम

खुद की नज़रों में ना उठ पाओगे


हम वही पाएंगे जो बोया है

देगा कर्मों का सब हिसाब वही

किसी बेबस का चैन छीन के तुम

किस तरह सुख की नींद पाओगे ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational