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Rishab K.

Abstract Classics Inspirational

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Rishab K.

Abstract Classics Inspirational

तेरी मंजिल

तेरी मंजिल

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यूं लाचार ना कर खुदको,

थोड़ी सी हिम्मत कर,

जिंदगी जीनी है तो,

फिर नये से शुरुआत कर,


हारते तो सब है,

तू फिर से उठने की कोशिश तो कर,

फिर से चलना शुरु कर,

'तेरी मंजिल की ओर।


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