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Monika Sharma "mann"

Tragedy

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Monika Sharma "mann"

Tragedy

तेरी गोद में

तेरी गोद में

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हे प्रकृति तेरी गोद मैं समाना चाहता हूंँ

बहुत थक गया अब मैं सोना चाहता हूंँ 

दिनभर की भागदौड़ और

आपाधापी से दूर होना चाहता हूंँ।

हे प्रकृति तेरी गोद में मैं सोना चाहता हूंँ।

तेज दौड़ती सड़कों पर गाड़ियों की भरमार है

प्रदूषण का हम पर इतना गहरा प्रहार है ।

फेफड़ों को खराब कर चुका

 दिल तुझे देना चाहता हूंँ।।

 हे प्रकृति तेरी गोद में मैं समाना चाहता हूंँ


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