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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance Inspirational

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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance Inspirational

तेरी बाहों में

तेरी बाहों में

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वक्त भी रुक जाता है

तेरी बाहों में आकर....

जाया भी न जाता कहीं

जाना भी चाहें अगर.....

वक्त यदि नदी होता

तो उसमें बहा लेता

तुमको भी मेरी नाव बना कर...

यदि तू हवा होता

तो तेरे पास ही रहता

मैं भी तेरी रवानी बन कर. ..

यदि तू चांद होता

तो तेरे पास ही रहता

मैं भी तेरी चांदनी बन कर....

यदि तू बिजली का तार होता

मै भी रहता पास तेरे

उन तारों में करेंट बन कर.....

यदि तू फुल खुशबुदार होता

रहता मै भी साथ तेरे

भिन्न खुशबु बन कर.....।।



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