STORYMIRROR

Ruchi Madan

Tragedy

3  

Ruchi Madan

Tragedy

तेरी आदत ही मेरी मौत की वजह है

तेरी आदत ही मेरी मौत की वजह है

1 min
512

सपने खो के भी जिन्दा हूँ मैं

ये भी मेरी तकदीर है।


चीट्ठियों मैं भी नहीं है नाम मेरा

आज तू मुझ से कितनी दूर है।


दिन-रात तुझे ही सोचता हूँ

अपने आप से हो के नाराज़ मैं।


कैसे तुझे बुलाऊँ, कैसे तुझे मनाऊँ

जो आ जाये मेरे पास वो।


मेरी गुस्ताखियों की ऐसी भी सजा होगी

शरीर होगा उसमें ना आत्मा होगी।


कब सोचा था मैंने खोना तुझे

तेरी आदत ही मेरी मौत की वजह होगी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy