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Ruchi Madan

Romance


4.4  

Ruchi Madan

Romance


तेरे आगोश में

तेरे आगोश में

1 min 370 1 min 370

छूनी थी जो तेरे होठों को

वो मुस्कान अब भी बाकी है

गुजर जाती एक खूबसूरत रात

तेरे आगोश में पर आज भी वो

रात बाकी है


जो टकरा ना सके आपस में

दो जाम वो अब भी बाकी है

इन चादरों की सिलवटों में

इन मुरझाये गुलाबों में


ना जाने क्यूँ पर

तेरी याद अब भी बाकी है

मिलना तो अब नही हो शायद

पर धड़कनों में मेरी तेरा

अहसास अब भी बाकी है।


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