Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Mayank Kumar 'Singh'

Romance


5.0  

Mayank Kumar 'Singh'

Romance


तेरे वादे के खातिर

तेरे वादे के खातिर

1 min 282 1 min 282

तेरे वादे के खातिर

मुझको क्या-क्या करना होगा

तेरे वादे के खातिर

लगता है रोज़ दुःख सहना होगा

तेरे वादे के खातिर

दुनिया से अलग रहना होगा

तेरे वादे के खातिर

मुझे रात भर जगना होगा

तेरे वादे के खातिर

पुरानी सड़क को घर कहना होगा

तेरे वादे के खातिर

घर में झूठा बनना होगा

तेरे वादे के खातिर

पुराने तुम्हारे आशिक से लड़ना होगा


तेरे वादे के खातिर

मूछ - दाढ़ी रखना होगा

तेरे वादे के खातिर

कॉल पर आई लव यू कहने से बचना होगा

तेरे वादे के खातिर

ठंड में भी स्नान करना होगा

तेरे वादे के खातिर

तुम्हारी सखियों से दूरी बनाए करना होगा

तेरे वादे के खातिर

सरकारी नौकरी ही करना होगा !

यानी कुल मिलाकर

तेरे वादे के खातिर

देवदास ही बनना होगा !


जब इतना निभा रहा हूं वादा

तो

तुझे भी आज करना होगा

एक वादा

तुझे भी मेरी नौकरी से मोहब्बत न कर

मेरे खातिर ,

मुझसे ही बस प्यार करना होगा !


Rate this content
Log in

More hindi poem from Mayank Kumar 'Singh'

Similar hindi poem from Romance