STORYMIRROR

AVINASH KUMAR

Tragedy

3  

AVINASH KUMAR

Tragedy

तेरे मेरे अधूरे फेरे

तेरे मेरे अधूरे फेरे

1 min
395

जो देखे थे सपने साथ में हमने

वो रह गए अधूरे 

तुम हो गई किसी और की हम रह अधूरे 

हम ठहरे रहे वही पर जहाँ पर तुम छोड़ गए 

तेरे इंतजार में हम अपने दिल को ही तोड़ गए 


हमने मान लिया जब तुमको अपना

फिर दुनिया से क्या लेना देना

बिना तुम्हारे जीवन मेरा बिन पानी के मीन

साथ तुम्हारे होता अगर मैं ले लेता फेरे


अब तो हाल ऐसा है बिन फेरे हम तेरे

पर अब फेरे रह गए अधूरे

और बिन फेरे हम तेरे

कभी तो जगेगी किस्मत मेरी

जब तुम बन जाओगी मेरी



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy