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AVINASH KUMAR

Tragedy

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AVINASH KUMAR

Tragedy

तेरे मेरे अधूरे फेरे

तेरे मेरे अधूरे फेरे

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जो देखे थे सपने साथ में हमने

वो रह गए अधूरे 

तुम हो गई किसी और की हम रह अधूरे 

हम ठहरे रहे वही पर जहाँ पर तुम छोड़ गए 

तेरे इंतजार में हम अपने दिल को ही तोड़ गए 


हमने मान लिया जब तुमको अपना

फिर दुनिया से क्या लेना देना

बिना तुम्हारे जीवन मेरा बिन पानी के मीन

साथ तुम्हारे होता अगर मैं ले लेता फेरे


अब तो हाल ऐसा है बिन फेरे हम तेरे

पर अब फेरे रह गए अधूरे

और बिन फेरे हम तेरे

कभी तो जगेगी किस्मत मेरी

जब तुम बन जाओगी मेरी



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