STORYMIRROR

Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy Others

4  

Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy Others

तेरे जाने का

तेरे जाने का

1 min
506

मुझे तेरे जाने का गम सताता है

तन्हा होता हूँ जब भी याद तू ही आता है


चलो आज तुमको हम वो पल गिना दें

जिसमें काटी रातें और वो दिन भी गिना दें

छत पे अकेले में मेरा चाँद याद आता है

मुझे तेरे जाने का गम सताता है


बिन तेरे न जाने कितनी ठोकरें खायी हैं

बीच सफर में तू छोड़ मुझको आयी है

कुछ दूर है मंजिल फिर भी 

तेरे बिन चला न जाता है

मुझे तेरे जाने का गम सताता है


दिल की झोंपड़ी में तेरा आशियाना था

तेरे सिवा मैंने न किसी को जाना था

तोड़ के दिल को मेरे हँस के जाता है

मुझे तेरे जाने का गम सताता है


तेरे सारे नखरे मैंने खुद ही उठाये

तुझे सिर्फ तुझे ही थे पलकों पे बिठाये

मेरी वफ़ा को तू ठुकरा के जाता है

मुझे तेरे जाने का गम सताता है



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance