तेरे इश्क़ में
तेरे इश्क़ में
बहुत रो ली हूं तेरे इश्क़ में यार
अब मैं तेरी यादों संग बस
पल-पल हर लम्हा मुस्कुराना
चाहती हूं।
तुम्हारे दिए हर तोह्फ़े को
दिल से लगाकर जीवन भर
उसे सहेज कर रखना
चाहती हूं।
तुम्हारे संग बिताए हर
उन पलों को आंखो में
कैद कर जीवन भर देखना
चाहती हूं।
तुम्हारे हाथों की बनी वो
चायऔर जो प्याली
तुम्हारे होंठो को छुई
उस प्याली को जीवन भर अपने
होठों से लगाकर रखना
चाहती हूं।
तुम्हारे संग रहूं या न रहूं
कोई गम नहीं
बस तुम्हारी हर यादों में
जीकर अपना सर्वस्व जीवन
जीवन भर तुझ पर ही लुटाना
चाहती हूं।

