Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Dr.Purnima Rai

Romance Tragedy Fantasy


4.1  

Dr.Purnima Rai

Romance Tragedy Fantasy


तेरे बगैर जिंदगी मेरी उदास है

तेरे बगैर जिंदगी मेरी उदास है

1 min 217 1 min 217

तेरे बगैर जिंदगी मेरी उदास है

इतने बड़े जहान में तू ही तो खास है।


सहमा हुआ सा आजकल है हर बशर यहाँ

तू जो नहीं है पास तो लगता है डर यहाँ

कोई नहीं है फिर भी मन में एक आस है।


सिमटी हुई है याद भी तेरे ख्याल में

आ जाओगे चुपके से तुम मेरे ख्याल में

निकलेगा चांद ' पूर्णिमा' को विश्वास है।


तर्ज: मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Dr.Purnima Rai

Similar hindi poem from Romance