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मिली साहा

Romance

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मिली साहा

Romance

तेरा शहर मुझको अपना सा लगे

तेरा शहर मुझको अपना सा लगे

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तेरा शहर मुझको अपना सा लगे

तेरा साथ मुझको सपना सा लगे

तू ही हकीकत है मेरी ज़िन्दगी की

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे।


तू ख़्वाबों में है, तू बातों में है

तेरी ही तस्वीर इन निगाहों में है

तेरी ही इबादत करता हूंँ मैं हरदम 

तू ही मुझको मेरा खुदा सा लगे

तू ही मुझको मेरा खुदा सा लगे

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे।।


कह दे जुबां से बस एक बार

तुझ को मुझ पर है ऐतबार

तेरा तसव्वुर ही धड़कन बढ़ाए

कि अब ये दूरी भली ना लगे

कि अब ये दूरी भली ना लगे

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे।।


महका है गुलशन महकी जमीं है

सब कुछ है बस तेरी ही कमी है

और कितना मैं करूंँ इंतजार

पल पल बिताना मुश्किल सा लगे

पल पल बिताना मुश्किल सा लगे

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे।।


तेरी ही खुशबू इन फिजाओं में

तू शामिल मेरी दुआओं में

तू बन गई है जीने की वजह मेरी

कि तुझ बिन जिंदगी जिंदगी ना लगे

कि तुझ बिन जिंदगी जिंदगी ना लगे

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे।।


पुकारूँ तुझे ही मैं दिन-रात 

कहनी है तुझसे दिल की बात

पढ़ा है तेरी आंँखों में भी इकरार मैंने

कह दे कि ये मोहब्बत अधूरी ना लगे

कह दे कि ये मोहब्बत अधूरी ना लगे

तेरे बिन कहीं अब ये दिल ना लगे।।



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