STORYMIRROR

Kajal Mehtani

Romance

3  

Kajal Mehtani

Romance

अम्बर धरा

अम्बर धरा

1 min
229

कभी कभी अम्बर का मन 

हरा होना चाहता है 

और वो 

 बरसता है ......जमकर 

 फिर 

 फिर क्या 

 धरा रंग जाती है......पी के रंग! 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance